यौम-ए-आबरू-ए-अहले सुन्नत 12 नवम्बर जुमेरात को
कानपुर- साबिक क़ाज़ी-ए-शहर कानपुर हज़रत अल्लामा मौलाना मोहम्मद आलम रज़ा ख़ां नूरी अलैहिर्रहमा का सालाना जलसा "यौम-ए-आबरू-ए-अहले सुन्नत" बनाम "महताब-ए-मदीना कॉन्फ्रेंस" अपनी साबिक़ा रिवायतों के मुताबिक़ 12 नवंबर 2026 गुरुवार को ओमपुरवा मस्जिद क़ाज़ी-ए-शहर (बड़ी मस्जिद) के सामने हर साल की तरह मुनअक़िद (आयोजित) होगा और 13 नवंबर 2026 शुक्रवार बाद नमाज़-ए-फ़ज्र मज़ार वाक़ै ओमपुरवा क़ब्रिस्तान में क़ुरआन ख़्वानी व फ़ातिहा और चादर पोशी की जाएगी।
जलसे की सरपरस्ती हज़रत अल्लामा मुफ़्ती हसीब अख्तर साहब शाहदी (शीख़ुल हदीस दारुल उलूम शाह आला क़ुदरतिया जाजमऊ), हज़रत अल्लामा मोहम्मद अनीसुर रहमान साहब नूरी (मोहतमिम जामिया शकूरिया बिल्हौर) और मुफ़्ती-ए-शहर कानपुर हज़रत अल्लामा मुफ़्ती मोहम्मद हनीफ़ साहब बरकाती (प्रिंसिपल अल-जामिअतुल अरबिया अहसनुल मदारिस कदीम, नई सड़क कानपुर) करेंगे और जलसे की सदरत क़ायदे अहले सुन्नत हज़रत अल्लामा मुफ़्ती मोहम्मद साकिब अदीब मिस्बाही साहब (क़ाज़ी-ए-शहर कानपुर) करेंगे।
मुक़र्रिर-ए-ख़ुसूसी (मुख्य वक्ता) के तौर पर आलमे जलील, फ़ाज़िले जलील, शहज़ादा-ए-हबीबे मिल्लत, अता-ए-हुज़ूर मुजाहिदे मिल्लत हज़रत अल्लामा अश-शाह मुफ़्ती रज़ा-उल-मुस्तफ़ा साहब क़ादरी हबीबी (शीख़ुल हदीस जामिया फ़याज़ुल उलूम, पिकसरवां, ज़िला रायबरेली, यूपी) तशरीफ़ ला रहे हैं। दीगर मुक़र्रिरीन व शोअरा भी तशरीफ लाएंगे !
इन शा अल्लाह,
सभी हजरात से कसीर तादाद मे शिरकत की अपील की जाती है।
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