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Microsoft का बड़ा फैसला! 60 हजार कर्मचारियों को Voluntary Exit Offer, AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच नौकरियों पर मंडराया संकट

📅 31-10-2026 07:03 PM 👁 38 Readers 💬 0 Comments 🔁 1 Shares
तकनीक

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला किया है। कंपनी ने भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में अपने लगभग 60 हजार कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का विकल्प यानी Voluntary Exit Offer (VEO) दिया है। यह संख्या कंपनी के कुल वैश्विक कर्मचारियों का करीब 27 प्रतिशत है।

हालांकि, इसे सीधे तौर पर 60 हजार कर्मचारियों की छंटनी कहना सही नहीं होगा। कंपनी ने कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया है। इसका लाभ लेने या न लेने का फैसला पात्र कर्मचारी स्वयं कर सकते हैं।

किन देशों के कर्मचारियों पर पड़ेगा असर?

माइक्रोसॉफ्ट का यह कार्यक्रम भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में चुनिंदा विभागों के पात्र कर्मचारियों के लिए लागू किया गया है। कंपनी की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने 26 अक्टूबर को कर्मचारियों के लिए इस योजना की जानकारी दी।

यह ऑफर कंपनी के आंतरिक पद स्तर (Level 70) और उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए है। हालांकि, कंपनी के सभी विभागों और कर्मचारियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बड़ा बदलाव

माइक्रोसॉफ्ट सहित दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर पर भारी निवेश कर रही हैं। AI के बढ़ते इस्तेमाल से काम करने के तरीकों में तेजी से बदलाव आ रहा है।

सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ग्राहक सेवा, डेटा प्रबंधन और कई अन्य क्षेत्रों में AI आधारित तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इससे पारंपरिक नौकरियों के भविष्य को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं।

हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने इस नए स्वैच्छिक निकास कार्यक्रम को सीधे तौर पर AI द्वारा कर्मचारियों की जगह लेने का फैसला नहीं बताया है। कंपनी इसे कर्मचारियों को आर्थिक सहायता और करियर संबंधी विकल्प देने वाली समय-सीमित योजना बता रही है।

भारत में भी हजारों कर्मचारियों पर पड़ सकता है असर

माइक्रोसॉफ्ट के भारत में लगभग 23 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से कितने कर्मचारी इस स्वैच्छिक निकास योजना के पात्र होंगे, इसकी आधिकारिक संख्या अभी स्पष्ट नहीं की गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में पात्र कर्मचारियों को इस ऑफर पर फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर 2026 तक का समय दिया गया है। योजना स्वीकार करने वाले कर्मचारियों को कंपनी की निर्धारित शर्तों के अनुसार वित्तीय सहायता और करियर ट्रांजिशन संबंधी सुविधाएं मिलेंगी।

क्या AI इंसानों की नौकरियां छीन रहा है?

माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब दुनिया भर में AI के कारण रोजगार के भविष्य पर बहस तेज हो रही है। एक तरफ AI तकनीक नए अवसर और रोजगार के नए क्षेत्र पैदा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कई पारंपरिक कामों के स्वचालित होने की आशंका भी बढ़ रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आने वाले वर्षों में कंपनियों में इंसानी कर्मचारियों की भूमिका कितनी बदलेगी और AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच रोजगार के कितने नए अवसर पैदा होंगे।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि माइक्रोसॉफ्ट के इस फैसले ने वैश्विक टेक इंडस्ट्री में रोजगार के भविष्य को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

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