आसिफ रजा ने मुकम्मल याद किया कुरआन-ए-पाक, परिवार में खुशी
कारी शरफुद्दीन की निगरानी में हासिल की उपलब्धि
गोरखपुर। शहर के जामिया नगर रसूलपुर निवासी इरशाद अहमद और शबनम खातून के 16 वर्षीय बेटे आसिफ रजा ने मुकम्मल कुरआन-ए-पाक याद (हिफ्ज) कर एक अहम उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस कामयाबी से परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। आसिफ रजा ने मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया, दीवान बाजार के शिक्षक कारी शरफुद्दीन मिस्बाही की निगरानी में पूरा कुरआन-ए-पाक याद कर मुकाम हासिल किया।
हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि आसिफ रजा की यह उपलब्धि परिवार के लिए गौरवपूर्ण पल है। कुरआन-ए-पाक को पूरा याद करना मेहनत, लगन, निरंतर अभ्यास और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम होता है। इसके लिए छात्र को नियमित रूप से कुरआन-ए-पाक की आयतों को याद करने के साथ उनका लगातार दोहराव भी करना पड़ता है। ऐसे में कम उम्र में इस मुकाम तक पहुंचना आसिफ रजा की मेहनत और दीनी तालीम के प्रति उनकी लगन को दर्शाता है।
छात्र आसिफ रजा ने कहा कि इस कामयाबी में माता-पिता और शिक्षक कारी शरफुद्दीन मिस्बाही व हाफिज रहमत अली का विशेष सहयोग रहा है। इरशाद अहमद व शबनम खातून ने कहा कि आसिफ रजा की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। वह आगे भी दीनी और दुनियावी तालीम हासिल कर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करेंगे।
मदरसे में उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर की गई और उनके लिए दीन की खिदमत करने, नेक रास्ते पर चलने तथा भविष्य में भी इल्म हासिल करते रहने की दुआ की गई। इस मौके पर हाफिज नजरे आलम, मुफ्ती अख्तर हुसैन, उस्मान अली, अब्दुल खालिक, साजिद अली, जाहिद अली, मुहम्मद अली, अफ्फान, हाफिज रहमत अली निजामी, नवेद आलम, कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी, हाजी फैज खान, ताहिर समेत अन्य लोगों ने आसिफ रजा को मुबारकबाद दी।
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