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उमराह के मुकद्दस सफर पर गए जायरीन की घर वापसी अटकी, गोरखपुर में बच्चों को इंतजार

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच बढ़ी मुश्किलें

📅 28-10-2026 07:41 PM 👁 83 Readers 💬 0 Comments 🔁 1 Shares
गोरखपुर

सूरजकुंड के सैयद नदीम अहमद और खुर्शीद आलम समेत जायरीन सऊदी अरब में परेशान, 21 अक्टूबर को लौटना था वतन

गोरखपुर। घर में छोटे-छोटे बच्चे अपने माता-पिता की राह देख रहे हैं। परिजन फोन पर उनकी खैरियत जानकर तसल्ली तो कर रहे हैं, लेकिन अपनों की गैरमौजूदगी लगातार खल रही है। उधर, सऊदी अरब के मदीना में मौजूद गोरखपुर के जायरीन भी जल्द अपने वतन लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उमराह की अदायगी के लिए सऊदी अरब गए सूरजकुंड कॉलोनी निवासी सैयद नदीम अहमद, उनकी पत्नी चांदनी खातून व तकिया कवलदह के मुहम्मद खुर्शीद आलम और उनकी पत्नी सानिया खानम, अफजल, आबाद समेत उप्र के काफी जायरीनों की वापसी निर्धारित समय पर नहीं हो सकी है। उन्हें 21 अक्टूबर को भारत लौटना था। वापसी में देरी के कारण जहां परिवारों की बेचैनी बढ़ रही है, वहीं विदेश में ठहरने का अतिरिक्त खर्च भी परेशानी का सबब बन गया है। बताते चलें कि जायरीन 3 अक्टूबर को उमराह करने सऊदी अरब पहुंचे थे।

बच्चों को छोड़कर गए थे उमराह करने

सैयद नदीम अहमद और मुहम्मद खुर्शीद आलम अपने परिवार के साथ उमराह के मुकद्दस सफर पर सऊदी अरब गए थे। दोनों अपने छोटे-छोटे बच्चों को घर पर परिजनों के पास छोड़कर गए थे। योजना के मुताबिक 21 अक्टूबर को उनकी भारत वापसी होनी थी। परिवार को उम्मीद थी कि कुछ दिनों के धार्मिक सफर के बाद वे सकुशल घर लौट आएंगे और बच्चों के साथ समय बिताएंगे। मगर वापसी में आई बाधा ने इस इंतजार को लंबा कर दिया।

माता-पिता से दूर बच्चों की देखभाल कर रहे परिजनों के लिए भी यह समय आसान नहीं है। घर में सभी को उनकी वापसी का इंतजार है। फोन पर बातचीत से कुछ राहत जरूर मिलती है, लेकिन परिवार के सदस्यों की चिंता तब तक कम नहीं हो रही, जब तक उनकी सुरक्षित वापसी का रास्ता साफ नहीं हो जाता।

सऊदी अरब में रुकने का बढ़ रहा खर्च

वापसी की तारीख निकल जाने के बाद यात्रियों के सामने ठहरने और रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च बढ़ने की समस्या खड़ी हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, सऊदी अरब में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन करीब एक हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में यात्रा निर्धारित समय से आगे बढ़ने पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

यदि अतिरिक्त ठहराव दस दिन तक बढ़ता है तो एक व्यक्ति को करीब दस हजार रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। परिवार के कई सदस्यों के साथ यात्रा करने वालों के लिए यह रकम और अधिक हो सकती है। यह हिसाब बताए गए दैनिक खर्च पर आधारित है वास्तविक खर्च यात्रियों की व्यवस्था और ठहरने की अवधि के अनुसार अलग हो सकती है।

नेहाल अहमद ने बताया कि उमराह की यात्रा आमतौर पर पहले से तय कार्यक्रम और बजट के अनुसार की जाती है। ऐसे में अचानक वापसी में देरी होने पर अतिरिक्त खर्च का इंतजाम करना यात्रियों के लिए मुश्किल पैदा कर रहा है। धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद अब उनकी प्राथमिकता जल्द से जल्द अपने घर पहुंचना है।

पश्चिम एशिया के हालात ने बढ़ाई चिंता

पश्चिम एशिया में तनाव और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। यात्रियों की वापसी में देरी के पीछे हूती विद्रोहियों के हमलों और उड़ानों में व्यवधान की बात सामने आई है। ऐसी परिस्थिति में जायरीनों को उड़ानों की ताजा स्थिति, टिकट में बदलाव और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था के लिए संबंधित एयरलाइन तथा उमराह टूर ऑपरेटर से बार-बार संपर्क करना पड़ रहा है। परिजन विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भारतीय दूतावास और संबंधित वाणिज्य दूतावास से संपर्क करने की भी कोशिश कर रहे हैं।

परिजनों को सुरक्षित वापसी की उम्मीद

गोरखपुर में मौजूद परिवारों को उम्मीद है कि जल्द ही वापसी की व्यवस्था हो जाएगी और सैयद नदीम अहमद, खुर्शीद आलम समेत उनके ग्रुप के सभी चालीस जायरीन सकुशल अपने घर पहुंचेंगे। उनके लिए सबसे बड़ी राहत यही होगी कि लंबे इंतजार के बाद परिवार फिर एक साथ हो सकेगा।

फिलहाल एक ओर मदीना में मौजूद जायरीन वापसी की राह देख रहे हैं तो दूसरी ओर गोरखपुर में उनके परिजन हर नई जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। बच्चों से दूर रहने की मजबूरी, विदेश में बढ़ता खर्च और वापसी की अनिश्चितता ने इस धार्मिक सफर के अंतिम पड़ाव को मुश्किल बना दिया है। अब सभी की निगाहें उड़ानों की स्थिति सामान्य होने और अपने लोगों की सुरक्षित घर वापसी पर टिकी हैं।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें।
+91 76077 46442 सैयद नदीम अहमद सूर्य विहार कॉलोनी
+91 88531 45442 मुहम्मद खुर्शीद आलम

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Sayyed Farhan Qadri

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