3.27 करोड़ नए युवा वोटर: फॉर्म-6 विवाद के बीच चुनाव आयोग का बड़ा खुलासा
चुनाव आयोग घिरा, CEC ज्ञानेश कुमार के फैसलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
नई दिल्ली: नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 में घोषणा पत्र जोड़े जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने युवाओं की भागीदारी को लेकर अहम आंकड़ा जारी किया है।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि 24 जून 2025 से अब तक देशभर में 18 से 28 वर्ष के आयु वर्ग के 3.27 करोड़ नए मतदाता मतदाता सूची में जोड़े गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद देश में इस आयु वर्ग के मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर 17.38 करोड़ हो गई है।
CEC के फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
दूसरी ओर, चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर सियासी और कानूनी घमासान तेज हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक याचिका में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कुछ फैसलों और फॉर्म-6 में किए गए संशोधनों को चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के मुताबिक, याचिका में मांग की गई है कि CEC द्वारा बिना सर्वसम्मति और अल्पमत में लिए गए सभी फैसलों को शुरू से ही अमान्य (void ab initio) घोषित किया जाए। साथ ही, पद की सीमा से बाहर जाकर किए गए कृत्यों पर आपराधिक जिम्मेदारी तय करने की भी मांग उठाई गई है।
चिदंबरम ने मांगी फाइलें
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी चुनाव आयोग से फैसलों से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अगर फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए।
NDA में भी अलग सुर, भाजपा अध्यक्ष ने की तारीफ
जहां एक तरफ चुनाव आयोग पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने CEC ज्ञानेश कुमार का समर्थन किया है। उन्होंने उन्हें पद्म भूषण देने की मांग तक कर डाली और दावा किया कि बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान और मतदाता सूची से कथित घुसपैठियों के नाम हटाने का काम आयोग ने बखूबी किया है।
इस पूरे मामले में दिलचस्प बात यह है कि चुनाव आयोग पर अब सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि NDA के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं। भाजपा के 3 सहयोगी दलों ने खुलकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
— via Telegram: محمد شعیب رضا فیضی
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि 24 जून 2025 से अब तक देशभर में 18 से 28 वर्ष के आयु वर्ग के 3.27 करोड़ नए मतदाता मतदाता सूची में जोड़े गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद देश में इस आयु वर्ग के मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर 17.38 करोड़ हो गई है।
CEC के फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
दूसरी ओर, चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर सियासी और कानूनी घमासान तेज हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक याचिका में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कुछ फैसलों और फॉर्म-6 में किए गए संशोधनों को चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के मुताबिक, याचिका में मांग की गई है कि CEC द्वारा बिना सर्वसम्मति और अल्पमत में लिए गए सभी फैसलों को शुरू से ही अमान्य (void ab initio) घोषित किया जाए। साथ ही, पद की सीमा से बाहर जाकर किए गए कृत्यों पर आपराधिक जिम्मेदारी तय करने की भी मांग उठाई गई है।
चिदंबरम ने मांगी फाइलें
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी चुनाव आयोग से फैसलों से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अगर फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए।
NDA में भी अलग सुर, भाजपा अध्यक्ष ने की तारीफ
जहां एक तरफ चुनाव आयोग पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने CEC ज्ञानेश कुमार का समर्थन किया है। उन्होंने उन्हें पद्म भूषण देने की मांग तक कर डाली और दावा किया कि बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान और मतदाता सूची से कथित घुसपैठियों के नाम हटाने का काम आयोग ने बखूबी किया है।
इस पूरे मामले में दिलचस्प बात यह है कि चुनाव आयोग पर अब सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि NDA के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं। भाजपा के 3 सहयोगी दलों ने खुलकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
— via Telegram: محمد شعیب رضا فیضی
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